रायपुर। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बिगड़ते मौसम और बारिश की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चक्रवात से प्रभावित लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है।
NDRF और SDRF की टीमें सक्रिय, युद्धस्तर पर राहत कार्य
अमित शाह ने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
नुकसान का आकलन करने पहुंचेगी केंद्रीय टीम
गृह मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने और आगे की आवश्यक सहायता निर्धारित करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) जल्द भेजी जाएंगी। ये टीमें जमीनी स्थिति का जायजा लेकर नुकसान और राहत की जरूरतों का मूल्यांकन करेंगी। इसके आधार पर प्रभावित राज्यों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने शाह को बताया प्रदेश का हाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत के दौरान प्रदेश में बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से राज्य में बारिश हो रही है, लेकिन उस समय तक प्रदेश में कहीं से भी बाढ़ या जनहानि की सूचना नहीं मिली थी। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा देने के लिए अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लगातार निगरानी कर रही हैं। अब सभी की नजर मौसम की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों के नुकसान के आकलन और राहत-बचाव की आगामी तैयारियों पर टिकी है।



