गुरदासपुर। पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरदासपुर जिले के थाना श्री हरगोबिंदपुर के अंतर्गत गांव माड़ी पन्नवां में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री रोकने गए तीन व्यक्तियों पर धारदार हथियारों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
10 से 15 लोगों पर हमले का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के सरपंच सुरिंदरपाल सिंह बाजवा ने बताया कि निशान सिंह, गुरमुख सिंह और बिक्रमजीत सिंह कथित तौर पर नशीले पदार्थ बेचने वालों को रोकने के लिए गए थे। इसी दौरान 10 से 15 व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), भाम पहुंचाया गया।
उपचार के दौरान बिक्रमजीत सिंह की मौत
सीएचसी भाम के डॉ. अभिषेक के अनुसार, अस्पताल में निशान सिंह पुत्र अमरजीत सिंह (35), गुरमुख सिंह पुत्र परमजीत सिंह (35) और बिक्रमजीत सिंह पुत्र तरसेम सिंह (40) को घायल अवस्था में लाया गया था। उपचार के दौरान बिक्रमजीत सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, निशान सिंह और गुरमुख सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
गांव के सरपंच ने बताया कि घटना की सूचना थाना श्री हरगोबिंदपुर साहिब की पुलिस को दे दी गई है। थाना प्रभारी सुखजिंदर सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
इससे पहले नशा विरोधी कार्यकर्ता की भी हुई थी हत्या
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इससे पहले नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा था।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 13 अक्टूबर को झोटा ने एक मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर नशीले कैप्सूल खरीदकर निकल रहे व्यक्ति का वीडियो बनाना शुरू किया था। उन्होंने संबंधित व्यक्ति से सवाल किए और पुलिस को फोन किया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने गोली चला दी, जिसमें झोटा की मौत हो गई। घटना में उनके चार साथी कुलविंदर सिंह, गोबिंद सिंह, बलतेज सिंह और हैप्पी भी घायल हुए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने और इसका विरोध करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। माड़ी पन्नवां की घटना में पुलिस जांच के बाद ही हमले के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



