by admin on | Mar 26, 2025 02:40 PM
प्रदेश की जनता इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएगी?
380 कट्टा राशन डकार गए घोटालेबाज, गरीबों के हक पर डकैती और प्रशासन बना तमाशबीन...
क्या सरकार और प्रशासन राशन माफिया के साथ खड़ा है? :
सबूत मिटाने की कोशिश, फिर भी कोई गिरफ्तारी नहीं :
गरीबों पर सख्ती, रसूखदारों को राहत-दोहरे मापदंड क्यों? :
रायगढ़ -: गरीबों के लिए आने वाले पीडीएस चावल की लूट खुलेआम हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ "जांच" का नाटक किया जा रहा है! तिरुपति राइस मिल में 380 कट्टा पीडीएस चावल जब्त किया गया, लेकिन हकीकत यह है कि रसूखदारों को बचाने के लिए प्रशासन खुद इस मामले को दबाने में लगा हुआ है।
जब कोई गरीब 5 किलो चावल बेचते पकड़ा जाता है तो उस पर तुरंत एफआईआर दर्ज होती है, उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाता है और जेल भेज दिया जाता है। लेकिन जब करोड़ों का राशन चोरी करके मिलों में खपाया जाता है, तो सरकार और प्रशासन "जांच जारी है" का बहाना बना कर आंखें मूंद लेता है! आखिर क्यों?
सबूत मिटाने की कोशिश, फिर भी कोई गिरफ्तारी नहीं :
जूट मिल पुलिस ने छापा मारकर 380 कट्टा पीडीएस चावल जब्त किया।
यानी अपराध सिद्ध होने के बाद भी मिल संचालक राजकुमार सिंघल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई! क्या रसूखदारों के लिए सरकार के नियम अलग हैं?
कलेक्टर कोर्ट तक मामला, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं :
खाद्य विभाग ने यह मामला कलेक्टर कोर्ट में पेश किया, जिससे यह साबित हो चुका है कि:
लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक एफआईआर दर्ज करने के आदेश तक नहीं दिए गए हैं!
गरीबों पर सख्ती, रसूखदारों को राहत-दोहरे मापदंड क्यों? :
जब गरीब व्यक्ति 5 किलो राशन चावल बेचता है, तो...
लेकिन जब एक मिल मालिक 380 कट्टा (19,000 किलो) चावल हड़प लेता है, तब...
❌ मामला लटकाया जाता है।
❌ एफआईआर नहीं होती।
❌ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण दिया जाता है।
क्या सरकार और प्रशासन राशन माफिया के साथ खड़ा है? :
यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि करोड़ों के राशन घोटाले का संकेत है। अगर एक मिल में 380 कट्टा चावल पकड़ा गया, तो सोचिए बाकी मिलों में कितना चावल खपाया जा रहा होगा?
सरकार क्या कर रही है? :
अगर सरकार ईमानदार है और सच में गरीबों के हक की रक्षा करना चाहती है, तो:
अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर रसूखदारों को बचाने के लिए "जांच जारी है" का खेल चलता रहेगा! क्या रायगढ़ की जनता इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएगी?